Stock Market ने 28 फरवरी 2025 को एक ऐतिहासिक गिरावट देखी, जिसने लाखों निवेशकों को चिंता में डाल दिया। इस दिन सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी (Nifty) ने भारी गिरावट दर्ज की, जिससे निवेशकों की संपत्ति में अरबों रुपये का नुकसान हुआ। यह गिरावट अचानक नहीं आई, बल्कि इसके पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण थे। इस लेख में हम इस गिरावट के कारणों, इसके प्रभावों और आगे निवेशकों को क्या रणनीति अपनानी चाहिए, इस पर विस्तार से चर्चा करेंगे

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Stock Market गिरावट के मुख्य कारण
1. वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता
अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में संभावित वृद्धि के संकेत और वैश्विक मंदी की आशंकाओं ने निवेशकों के विश्वास को कमजोर कर दिया। अमेरिका, यूरोप और चीन के शेयर बाजारों में कमजोरी के कारण भारतीय बाजारों पर भी नकारात्मक असर पड़ा।
2. भारतीय अर्थव्यवस्था में मंदी के संकेत
हाल ही में जारी जीडीपी (GDP) के आंकड़ों में उम्मीद से कम वृद्धि दर्ज की गई, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि भारतीय अर्थव्यवस्था में सुस्ती आ रही है। औद्योगिक उत्पादन में कमी, महंगाई दर में वृद्धि और निजी निवेश में गिरावट के कारण निवेशकों में भय का माहौल बन गया।
3. एफआईआई (FII) द्वारा भारी बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने बड़े पैमाने पर भारतीय शेयर बाजार से अपना पैसा निकाला। वैश्विक अनिश्चितताओं के चलते वे अधिक सुरक्षित बाजारों या बांड मार्केट की ओर रुख कर रहे हैं।
4. डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर
भारतीय रुपया पिछले कुछ हफ्तों से लगातार गिर रहा है, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ी है। डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से भारतीय अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है।
5. कॉर्पोरेट परिणाम उम्मीद से कमजोर
कुछ प्रमुख कंपनियों के तिमाही परिणाम उम्मीद से कमजोर रहे, जिससे बाजार में बिकवाली का दौर शुरू हो गया। खासकर बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर में गिरावट देखी गई।
Stock Market गिरावट का प्रभाव
1. निवेशकों की संपत्ति में भारी नुकसान
इस गिरावट के कारण निवेशकों को अरबों रुपये का नुकसान हुआ। कई खुदरा निवेशकों ने घबराहट में अपने शेयर बेच दिए, जिससे बाजार और नीचे चला गया।
2. म्युचुअल फंड निवेशकों पर असर
इस गिरावट ने म्युचुअल फंड निवेशकों को भी प्रभावित किया है। खासकर इक्विटी म्युचुअल फंड्स के रिटर्न में भारी गिरावट आई है।
3. बैंकिंग सेक्टर पर दबाव
बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट देखी गई। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना ने इस सेक्टर को और कमजोर कर दिया।
4. आईटी और टेक सेक्टर में गिरावट
आईटी और टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई, क्योंकि अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों में आई मंदी का असर भारतीय आईटी कंपनियों पर भी पड़ा।
निवेशकों के लिए आगे की रणनीति
1. घबराएं नहीं, धैर्य रखें
Stock Market में उतार-चढ़ाव सामान्य बात है। यदि आपने मजबूत कंपनियों में निवेश किया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। बाजार में गिरावट के बाद अक्सर रिकवरी देखने को मिलती है।
2. गिरावट का फायदा उठाएं
इस तरह की गिरावट अच्छे शेयरों को सस्ते में खरीदने का मौका देती है। निवेशक इस अवसर का उपयोग करके मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों के शेयर खरीद सकते हैं।
3. एसआईपी (SIP) जारी रखें
अगर आप म्युचुअल फंड्स में SIP कर रहे हैं, तो इसे जारी रखें। बाजार में गिरावट के दौरान निवेश करने से औसत खरीद कीमत कम होती है और लंबी अवधि में अच्छा रिटर्न मिलता है।
4. डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो बनाएं
अपने निवेश को अलग-अलग सेक्टर्स और एसेट क्लास (जैसे गोल्ड, बॉन्ड्स) में बांटकर जोखिम को कम करें।
5. Stock Market और आर्थिक समाचारों पर नज़र रखें
Stock Market की चाल कई कारकों पर निर्भर करती है। निवेश से पहले बाजार के ट्रेंड्स और आर्थिक संकेतकों पर ध्यान देना जरूरी है।

निष्कर्ष
28 फरवरी 2025 की भारतीय शेयर बाजार गिरावट कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारणों का नतीजा थी। हालांकि, लंबे समय के निवेशकों के लिए यह डरने का नहीं बल्कि अवसर का समय हो सकता है। बाजार में गिरावट के दौरान सस्ते में अच्छी कंपनियों के शेयर खरीदने का मौका मिलता है। इसलिए, निवेशकों को धैर्य रखना चाहिए और अपने निवेश को सोच-समझकर मैनेज करना चाहिए।