Mexico To Go Ahead US Markets Crash: डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा पर 25% टैरिफ की पुष्टि की, डॉव जोन्स 650 अंकों तक गिरा; टिम कुक ने नए एप्पल प्रोडक्ट का संकेत दिया।

(US Markets Crash) मंगलवार, 4 मार्च को भारत की प्रमुख रक्षा कंपनियों – भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL), भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL), कोचिन शिपयार्ड लिमिटेड, मजगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड, गार्डन रीच शिपबिल्डर्स लिमिटेड और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के शेयरों में 3% से 9% तक की वृद्धि देखी गई।

Mexico To Go Ahead US Markets Crash

यह उछाल ऐसे समय में आया है जब वैश्विक इक्विटी बाजारों में गिरावट देखी गई, लेकिन यूरोपीय रक्षा कंपनियों में जोरदार तेजी दर्ज की गई। साब एबी (Saab AB), राइनमेटल एजी (Rheinmetall AG), बीएई सिस्टम्स पीएलसी (BAE Systems Plc) और लियोनार्डो (Leonardo) जैसी कंपनियों के शेयर 15% से 20% तक उछल गए। गोल्डमैन सैक्स के यूरोपीय रक्षा शेयरों के पोर्टफोलियो ने भी 15% की बढ़त दर्ज की और इसका कुल बाजार पूंजीकरण $35 बिलियन बढ़ गया। यूरोपीय रक्षा कंपनियों में यह उछाल तब देखा गया जब क्षेत्रीय नेताओं ने रक्षा बजट में वृद्धि करने की प्रतिबद्धता जताई।

भारतीय रक्षा कंपनियों के लिए क्या संकेत? (US Markets Crash)

विशेषज्ञों का मानना है कि यूरोपीय रक्षा कंपनियों में आई तेजी के पीछे कई बड़े कारण हैं, जिनमें मुख्य रूप से युद्ध और सुरक्षा पर बढ़ते वैश्विक खर्च को देखा जा रहा है। भारत में भी रक्षा उत्पादन और निर्यात पर जोर दिया जा रहा है, जिससे स्थानीय कंपनियों को बड़ा फायदा हो सकता है। ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के तहत स्वदेशी रक्षा निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे BEL, HAL, और BDL जैसी कंपनियां आगे बढ़ सकती हैं।

इसके अलावा, सरकारी अनुबंधों और विदेशी निवेश में बढ़ोतरी से इन कंपनियों को अतिरिक्त ऑर्डर मिलने की संभावना है। भारत सरकार ने हाल ही में स्वदेशी रक्षा उद्योग को सशक्त बनाने और नई रक्षा परियोजनाओं में निवेश करने की योजनाओं की घोषणा की है, जिससे शेयर बाजार में इस क्षेत्र को बढ़ावा मिल सकता है।


नोएडा में 10,000 लीटर महाकुंभ का पवित्र जल पहुंचाया गया (US Markets Crash)

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में महाकुंभ 2025 का पवित्र जल पहुंचाने की राज्यव्यापी पहल के तहत, नोएडा के अग्निशमन विभाग ने प्रयागराज के संगम से 10,000 लीटर पवित्र जल लाकर श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध कराया। यह अभियान उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से किए जा रहे धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजनों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

क्या है इस पहल का उद्देश्य? (US Markets Crash)

इस पहल का उद्देश्य उन भक्तों तक आध्यात्मिक आशीर्वाद पहुँचाना है, जो किसी कारणवश महाकुंभ 2025 में शामिल नहीं हो सके। इस पवित्र जल को स्थानीय मंदिरों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर वितरित किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु इसका लाभ उठा सकें।

प्रशासन की भूमिका (US Markets Crash)

इस अभियान के बारे में नोएडा के पुलिस उपायुक्त (DCP) रामबदन सिंह ने कहा, “मुख्यमंत्री ने महाकुंभ के समापन पर इच्छा व्यक्त की थी कि सभी जिलों में अग्निशमन वाहन संगम का पवित्र जल लेकर जाएं ताकि हर कोई इसका लाभ उठा सके।” इस पहल में स्थानीय प्रशासन, धार्मिक संगठनों और स्वयंसेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


डोनाल्ड ट्रम्प ने कनाडा और मैक्सिको पर 25% टैरिफ लागू करने की पुष्टि की (US Markets Crash)

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को पुष्टि की कि कनाडा और मैक्सिको 4 मार्च से 25% टैरिफ में छूट नहीं पा सकेंगे।

ट्रम्प ने कहा, “कनाडा और मैक्सिको के लिए कोई जगह नहीं बची। वे सभी टैरिफ के तहत आ चुके हैं, और वे मंगलवार से लागू होंगे।” इस टैरिफ का असर करीब $1.5 ट्रिलियन के वार्षिक आयात पर पड़ेगा। कनाडाई ऊर्जा पर 10% का टैरिफ लगाया जाएगा, जबकि चीन पर टैरिफ दर 20% कर दी गई है।

अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

इस घोषणा के बाद सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई, और S&P 500 इंडेक्स 2% तक लुढ़क गया। यह व्यापार युद्ध और महंगाई बढ़ने के डर को दर्शाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन टैरिफ से अमेरिका में खाद्य पदार्थों, ईंधन, और ऑटोमोबाइल की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे औसत उपभोक्ता पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

कनाडा और मैक्सिको की प्रतिक्रिया

  • कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जोली ने कहा, “ओवल ऑफिस से लगातार अनिश्चितता और अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो रही है, और हमें इसका समाधान निकालना होगा।
  • कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने जवाबी कार्रवाई की घोषणा करते हुए कहा कि कनाडा अमेरिकी उत्पादों पर $155 बिलियन (कैनेडियन डॉलर) के टैरिफ लगाएगा।
  • मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शेनबाम ने कहा कि वे स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और आवश्यक कदम उठाएंगे।
Mexico To Go Ahead US Markets Crash

क्या होगा आगे? (US Markets Crash)

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ये टैरिफ लंबे समय तक बने रहते हैं, तो यह वैश्विक व्यापार संबंधों को कमजोर कर सकता है और अमेरिका की आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। कई अमेरिकी कंपनियां, जैसे कि फोर्ड और वॉलमार्ट, पहले ही चेतावनी दे चुकी हैं कि टैरिफ के कारण उत्पादन लागत और उपभोक्ता कीमतों में वृद्धि हो सकती है।

निष्कर्ष: (US Markets Crash)

  • भारत की रक्षा कंपनियों के शेयरों में तेजी बनी हुई है, जिसका मुख्य कारण वैश्विक रक्षा बजट में वृद्धि है।
  • महाकुंभ का पवित्र जल श्रद्धालुओं तक पहुंचाने की पहल राज्य सरकार की एक अनूठी योजना है।
  • अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको के बीच टैरिफ युद्ध से वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ने की संभावना है।

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