Bhagwant Mann’s “Defame Punjab”: अमृतसर हवाई अड्डे पर आज उतरेगा 119 भारतीय प्रवासियों को ले जा रहा अमेरिकी विमान

Bhagwant Mann हर साल हजारों भारतीय नागरिक अमेरिका का रुख करते हैं, जिनमें से कई वहां अवैध रूप से रहने लगते हैं। बेहतर जीवन, आर्थिक स्थिरता, और सुरक्षित भविष्य की चाह में कई भारतीय नागरिक वैध या अवैध तरीकों से अमेरिका पहुंचने की कोशिश करते हैं। कुछ लोग वैध वीजा पर जाते हैं और अवधि समाप्त होने के बाद भी वहीं रुक जाते हैं, जबकि अन्य लोग मानव तस्करों के माध्यम से गैरकानूनी तरीके से प्रवेश करते हैं।

Bhagwant Mann's "Defame Punjab

हाल के वर्षों में अमेरिका ने अवैध अप्रवासियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। विशेष रूप से अमेरिका की आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन एजेंसी (ICE) अवैध अप्रवासियों की पहचान कर उन्हें वापस उनके मूल देशों में भेजने की नीति पर काम कर रही है। यह प्रक्रिया वर्षों से जारी है, लेकिन हाल ही में अमेरिका से भारत भेजे जा रहे लोगों की संख्या बढ़ने से यह एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बन गया है।

Bhagwant Mann का आरोप और केंद्र सरकार की सफाई

पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि अमेरिका से प्रत्यर्पित किए जा रहे भारतीय नागरिकों की उड़ानों को जानबूझकर अमृतसर में उतारा जा रहा है, जिससे पंजाब और पंजाबियों को बदनाम किया जा सके। उनका कहना है कि जब अन्य राज्यों के लोग भी इस सूची में शामिल हैं, तो सिर्फ पंजाबियों को ही निशाना क्यों बनाया जा रहा है? Bhagwant Mann ने यह भी सवाल उठाया कि देश में कई अन्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे मौजूद होने के बावजूद इन प्रत्यर्पित उड़ानों को केवल अमृतसर में ही क्यों उतारा जा रहा है?

इस पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि अमृतसर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अमेरिका से आने वाली उड़ानों के लिए सबसे उपयुक्त स्थानों में से एक है, इसलिए इन्हें वहीं उतारा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि Bhagwant Mann इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहे हैं और जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।

Bhagwant Mann विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया और सरकारी पक्ष

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संसद में बयान देते हुए स्पष्ट किया कि अमेरिका की ICE एजेंसी 2012 से ही इस प्रकार के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया चला रही है और यह किसी विशेष समुदाय या राज्य को लक्षित करने की साजिश नहीं है। उन्होंने बताया कि यह अमेरिका की आंतरिक नीति के तहत किया जा रहा है और भारतीय सरकार इस प्रक्रिया को और अधिक मानवीय और व्यवस्थित बनाने के लिए लगातार अमेरिकी अधिकारियों के साथ संपर्क में है।

प्रत्यर्पित भारतीय नागरिकों की संख्या

हाल ही में भारत सरकार को अमेरिका से सूचना मिली कि 487 भारतीय नागरिकों को प्रत्यर्पण के लिए चिह्नित किया गया है। इनमें से अधिकांश नागरिक पंजाब, हरियाणा, गुजरात और अन्य राज्यों से आते हैं। फरवरी 2025 की शुरुआत में 104 भारतीयों को एक विशेष अमेरिकी सैन्य विमान से अमृतसर भेजा गया था, जिसके बाद यह मामला तूल पकड़ने लगा।

मानवीय दृष्टिकोण और प्रत्यर्पण प्रक्रिया पर विवाद

प्रत्यर्पण के दौरान प्रत्यर्पित नागरिकों को हाथकड़ी और बेड़ियां पहनाई जाती हैं, जिसे अमेरिकी आव्रजन अधिकारी अपनी सुरक्षा नीति का हिस्सा बताते हैं। हालांकि, इस अमानवीय व्यवहार पर विपक्ष और मानवाधिकार संगठनों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। इस मामले में भारतीय विदेश मंत्रालय ने हस्तक्षेप करते हुए अमेरिका से इस प्रक्रिया को सम्मानजनक और गरिमापूर्ण तरीके से करने की मांग की है।

अवैध अप्रवासन पर रोक लगाने के उपाय

भारत सरकार और अमेरिका के बीच लगातार इस मुद्दे पर चर्चा चल रही है कि कैसे अवैध प्रवासन को रोका जाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बैठक में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया और मानव तस्करी के पूरे इकोसिस्टम को समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

सरकार द्वारा उठाए जा रहे कुछ प्रमुख कदम:

  1. सख्त वीजा नीति: भारत सरकार अब विदेश जाने वाले नागरिकों के वीजा रिकॉर्ड और ट्रैवल हिस्ट्री की निगरानी को और सख्त कर रही है।
  2. मानव तस्करी पर कार्रवाई: केंद्र और राज्य सरकारें मानव तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने के लिए कड़े कदम उठा रही हैं।
  3. जागरूकता अभियान: नागरिकों को अवैध अप्रवासन के खतरों और कानूनी प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।
  4. अमेरिका के साथ कूटनीतिक वार्ता: दोनों देशों के अधिकारी लगातार इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं ताकि प्रत्यर्पण प्रक्रिया को मानवीय और सुव्यवस्थित बनाया जा सके।

भविष्य की संभावनाएँ और राजनयिक वार्ता

सूत्रों के अनुसार, अमेरिका द्वारा प्रत्यर्पण की यह प्रक्रिया नियमित रूप से जारी रहेगी और हर दो सप्ताह में इसी तरह की विशेष उड़ानों द्वारा अवैध रूप से रह रहे भारतीयों को वापस भेजा जाएगा। भारत सरकार इस मुद्दे पर राजनयिक स्तर पर चर्चा कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रत्यर्पित नागरिकों को सम्मानजनक व्यवहार मिले और उन्हें दोबारा रोजगार के अवसर प्रदान करने में मदद की जा सके।

Bhagwant Mann's "Defame Punjab

निष्कर्ष

अमेरिका से भारतीय नागरिकों के प्रत्यर्पण का मुद्दा राजनीतिक रूप से गर्माया हुआ है। Bhagwant Mann और केंद्र सरकार के बीच इस मामले पर बयानबाजी तेज हो गई है। जहां केंद्र सरकार इसे एक प्रशासनिक और तार्किक निर्णय बता रही है, वहीं पंजाब सरकार इसे एक सोची-समझी साजिश मान रही है।

इस पूरे विवाद के बीच सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि भारत सरकार कैसे अवैध प्रवासन को नियंत्रित करेगी और अपने नागरिकों को कानूनी रूप से विदेश में सुरक्षित रहने के लिए प्रेरित करेगी। इसके लिए सरकार को न केवल प्रवासी नीतियों को मजबूत करने की जरूरत है, बल्कि मानव तस्करी के खिलाफ कठोर कदम उठाने होंगे Bhagwant Mann।

अंततः, यह मामला सिर्फ राजनीतिक बहस तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसका समाधान निकालकर भारतीय नागरिकों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए।

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