दिल्ली के बुराड़ी इलाके में सोमवार शाम एक दर्दनाक घटना घटी, जब कौशिक एन्क्लेव में एक निर्माणाधीन चार मंजिला इमारत (Burari Building Collapse) अचानक गिर गई। इस हादसे में अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें एक सात साल की बच्ची और एक किशोरी शामिल हैं, जबकि 12 लोग घायल हुए हैं। बचाव कार्य अब भी जारी है, क्योंकि मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका है। हादसे के समय इमारत में निर्माण मजदूर और उनके परिवार के करीब 10-15 लोग मौजूद थे। इस घटना ने दिल्ली में निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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Burari Building Collapse घटना का विवरण
यह घटना सोमवार शाम करीब 6:30 बजे हुई। स्थानीय निवासियों ने तुरंत पुलिस और आपातकालीन सेवाओं को सूचना दी। शाम 6:56 बजे दमकल विभाग, पुलिस, NDRF और डीडीएमए की टीमें मौके पर पहुंच गईं और बचाव कार्य शुरू कर दिया।
दमकल निदेशक अतुल गर्ग के अनुसार, मलबे को हटाने और लोगों को बाहर निकालने के लिए नौ दमकल गाड़ियां तैनात की गईं। प्राथमिक जांच में पता चला है कि निर्माण सामग्री और संरचना में गंभीर खामियां थीं।
Burari Building Collapse मृतकों और घायलों की स्थिति
Burari Building Collapse में अब तक सात साल की बच्ची राधिका और 17 वर्षीय साधना की जान चली गई है। मलबे से निकाले गए 12 घायल व्यक्तियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से पांच की स्थिति गंभीर है।
घायलों की सूची:
- संजय (28 वर्ष)
- कृष्णा (30 वर्ष)
- ज्ञानु (27 वर्ष)
- रजनी (26 वर्ष)
- सिमरन (10 वर्ष)
- खुशी (8 वर्ष)
- लल्लू (40 वर्ष)
- सविता (32 वर्ष)
- सोनिया (16 वर्ष)
- प्रियंका (14 वर्ष)
- आकांक्षा (6 वर्ष)
- अजय (5 वर्ष)
Burari Building Collapse स्थानीय लोगों की मदद
स्थानीय निवासियों ने घटना के तुरंत बाद मलबे में फंसे चार लोगों को निकालकर उनकी जान बचाई। राम निवास नामक एक स्थानीय निवासी ने बताया कि इमारत के पास मजदूरों के लिए चार झुग्गियां बनी थीं, जो मलबे के नीचे दब गईं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि झुग्गियों में कितने लोग मौजूद थे।
Burari Building Collapse राहत और बचाव कार्य
मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग और NDRF की टीम लगातार काम कर रही है। दमकल विभाग की टीम ने आधुनिक उपकरणों और मशीनों का इस्तेमाल करते हुए छह लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
दमकल निदेशक अतुल गर्ग ने बताया कि बचाव कार्य में तेजी लाने के लिए NDRF की विशेष मशीनें मंगवाई गई हैं। हालांकि, मलबे में अब भी कई लोगों के फंसे होने की आशंका है, और बचाव कार्य जारी है।

Burari Building Collapse मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदनाएं प्रकट कीं और घायलों को हरसंभव मदद पहुंचाने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं और निर्माण कार्य में लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है।
Burari Building Collapse हादसे के संभावित कारण
Burari Building Collapse के पीछे प्रारंभिक जांच में इमारत की संरचनात्मक कमजोरी को मुख्य कारण बताया गया है। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य के दौरान गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया गया था। दो सौ गज के क्षेत्र में हो रहे इस निर्माण कार्य में इस्तेमाल की गई सामग्री भी खराब बताई जा रही है।
पुलिस ने ठेकेदार और मकान मालिक की तलाश शुरू कर दी है। यह भी जांच की जा रही है कि क्या निर्माण कार्य के लिए सभी जरूरी अनुमति ली गई थी।

Burari Building Collapse भविष्य में ऐसे हादसे रोकने के उपाय
इस घटना ने निर्माण कार्य में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने की आवश्यकता को उजागर किया है। भविष्य में ऐसे हादसे रोकने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जाने चाहिए:
- निर्माण की निगरानी: निर्माण कार्य की गुणवत्ता की नियमित जांच होनी चाहिए।
- कड़ी कार्रवाई: लापरवाही के लिए जिम्मेदार ठेकेदारों और बिल्डरों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
- सुरक्षा मानकों का पालन: निर्माण कार्य में सही सामग्री और इंजीनियरिंग प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित किया जाए।
- प्रशिक्षण कार्यक्रम: मजदूरों और ठेकेदारों को संरचनात्मक इंजीनियरिंग और सुरक्षा के बारे में शिक्षित किया जाए।
निष्कर्ष
Burari Building Collapse एक गंभीर त्रासदी है, जिसने कई परिवारों की जिंदगी को प्रभावित किया है। यह घटना एक चेतावनी है कि निर्माण कार्य में लापरवाही और मानकों की अनदेखी से जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है। प्रशासन और आम जनता को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।