Dixon Technologies: शानदार तिमाही नतीजों के बावजूद यह मल्टीबैगर स्टॉक 2400 रुपये से अधिक गिरा। क्या यह खरीदारी का मौका है? जानें ब्रोकरेज हाउस की बुलिश राय

नई दिल्ली: मल्टीबैगर रिटर्न देने वाली इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनी Dixon Technologies के शेयरों में हाल ही में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। मंगलवार को NSE इंडेक्स पर Dixon Tech के शेयर सुबह 9:23 बजे 7.50% की गिरावट के साथ 16,056 रुपये के स्तर पर पहुंच गए, जबकि सोमवार को यह 17,559 रुपये पर बंद हुआ था।

Dixon Technologies Share Analysis

पिछले एक साल में Dixon Technologies का प्रदर्शन

Dixon Technologies ने पिछले 1 वर्ष में 182% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है, जिससे यह निवेशकों की पसंदीदा कंपनियों में से एक बन गई है। हालांकि, हाल ही में इसमें तेज गिरावट देखी गई। Dixon Technologies के शेयर 14% की गिरावट के साथ 15,130 रुपये पर आ गए, जो पिछले सत्र में 17,554 रुपये पर बंद हुए थे।

Dixon Technologies की शानदार तिमाही नतीजे

20 जनवरी 2025 को कंपनी ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए तीसरी तिमाही के नतीजे जारी किए।

  • मुनाफा: कंपनी का शुद्ध लाभ 124% बढ़कर 217 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 97 करोड़ रुपये था।
  • रेवेन्यू: कंपनी का रेवेन्यू 117% बढ़कर 10,461 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वर्ष 4,821 करोड़ रुपये था।
  • EBITDA: EBITDA में 113% की बढ़ोतरी हुई और यह 398 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
  • EBITDA मार्जिन: दिसंबर तिमाही में 10 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट के साथ 3.8% पर दर्ज किया गया।
  • PAT मार्जिन: शुद्ध लाभ मार्जिन 2.1% पर दर्ज हुआ।

Dixon Technologies पर ब्रोकरेज फर्म की राय

पॉपुलर ब्रोकरेज फर्म Nuvama ने Dixon Technologies के शेयर पर 18,790 रुपये का टारगेट प्राइस देते हुए “HOLD” की सलाह दी है।

मुख्य कारण:

  • कंपनी के रेवेन्यू में YoY 117% की वृद्धि हुई है।
  • पिछले 12 महीनों में Dixon के शेयरों ने 200% की बढ़ोतरी दर्ज की है।
  • उच्च वैल्यूएशन के कारण शेयर पर दबाव देखा जा रहा है।

Dixon Technologies की नई साझेदारियां

कंपनी ने दिसंबर 2024 में कई नई साझेदारियां कीं:

  1. Selekor Partnership: Dixon की सहायक कंपनी ने Selekor के लिए रेफ्रिजरेटर और उनके हिस्सों का निर्माण करने का समझौता किया है।
  2. Vivo Partnership: Dixon ने चीनी स्मार्टफोन कंपनी Vivo के साथ मिलकर स्मार्टफोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण के लिए 51% हिस्सेदारी के साथ एक जॉइंट वेंचर शुरू किया। Vivo इंडिया के पास 49% हिस्सेदारी होगी।
  3. KHY Electronics MoU: कंपनी की सब्सिडियरी ने KHY Electronics के साथ 133 करोड़ रुपये में लैंड और एसेट खरीदने के लिए एक बाइंडिंग MoU पर साइन किया है।

Dixon Technologies के शेयरों में गिरावट के संभावित कारण

  1. मुनाफावसूली: कंपनी के शानदार नतीजों के बावजूद, निवेशकों ने शेयरों में मुनाफावसूली की।
  2. उच्च वैल्यूएशन: Dixon के शेयरों का उच्च वैल्यूएशन बाजार के लिए एक चिंता का विषय रहा है।
  3. EBITDA मार्जिन में गिरावट: तिमाही के दौरान EBITDA मार्जिन में गिरावट ने निवेशकों को सतर्क कर दिया।

Dixon Technologies की भविष्य की संभावनाएं

सकारात्मक संकेत:

  1. मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ और तिमाही नतीजों के आधार पर कंपनी का प्रदर्शन मजबूत है।
  2. नई साझेदारियों से कंपनी को लंबी अवधि में फायदा होगा।
  3. मोबाइल और EMS सेगमेंट में Dixon का प्रदर्शन अच्छा रहा है।

चुनौतियां:

  1. उच्च लागत और कुछ सेगमेंट्स में कमजोरी शेयर पर दबाव डाल सकते हैं।
  2. वैश्विक आर्थिक स्थिति और डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल Dixon की वृद्धि को प्रभावित कर सकती है।

भारतीय शेयर बाजार का रुझान

सप्ताह के पहले कारोबारी दिन, सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट देखने को मिली। Dixon के शेयरों की गिरावट के बावजूद, कंपनी की संभावनाएं बनी हुई हैं। एनालिस्ट्स का मानना है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक की ब्याज दर पर निर्णय और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) के प्रवाह से बाजार की दिशा तय होगी।

प्रमुख आंकड़े:

  • सेंसेक्स: पिछले सप्ताह 623.07 अंकों की वृद्धि के साथ बंद हुआ।
  • निफ्टी: 90.5 अंकों के लाभ के साथ सकारात्मक बंद हुआ।

के शेयर निवेशकों के लिए क्या संकेत देते हैं?

  • Dixon Technologies का हालिया प्रदर्शन और गिरावट एक मिश्रित संकेत प्रस्तुत करता है।
  • तिमाही नतीजों से पता चलता है कि कंपनी का मूल प्रदर्शन मजबूत है।
  • हालांकि, उच्च वैल्यूएशन और मुनाफावसूली के कारण अल्पकालिक दबाव बना रह सकता है।
  • Dixon Technologies में निवेश करने वाले निवेशकों को लंबी अवधि के दृष्टिकोण से सोचने की सलाह दी जाती है।

निष्कर्ष

Dixon Technologies ने हाल ही में असाधारण ग्रोथ दर्ज की है, लेकिन उच्च वैल्यूएशन और मुनाफावसूली ने इसके शेयरों को प्रभावित किया है। निवेशकों को कंपनी के प्रदर्शन और नई साझेदारियों पर ध्यान देना चाहिए। Dixon Technologies की दीर्घकालिक संभावनाएं मजबूत दिखती हैं, लेकिन अल्पकालिक चुनौतियों से निपटने की जरूरत है। SEO के अनुसार, Dixon Technologies के तिमाही नतीजों और शेयर बाजार की चाल के आधार पर भविष्य की संभावनाओं को समझने में मदद मिलेगी।

रिकॉर्ड प्राइस पर पहुंचा स्टॉक, जानें कारण और आगे का रुझान

Dixon Technologies के शेयर सोमवार को बड़ी तेजी के साथ रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए। BSE पर शेयर ने ₹18,739.95 का उच्चतम स्तर छुआ और कंपनी का मार्केट कैप ₹1,12,082.09 करोड़ हो गया। इसके पीछे प्रमुख वजह कंपनी की हालिया घोषणा है, जिसमें बताया गया कि उसने चीनी मोबाइल कंपनी Vivo के साथ एक जॉइंट वेंचर डील साइन की है।

वित्तीय प्रदर्शन: आय और लाभ में शानदार बढ़ोतरी

डिसंबर 2024 तिमाही में Dixon Technologies ने शानदार प्रदर्शन किया:

  • शुद्ध लाभ: 124% की बढ़ोतरी के साथ ₹217 करोड़।
  • रेवेन्यू: 117% की बढ़ोतरी के साथ ₹10,461 करोड़।
  • EBITDA: 398 करोड़ रुपये, जो दोगुना से भी अधिक है।
    यह वृद्धि मोबाइल और ईएमएस सेगमेंट के मजबूत प्रदर्शन का नतीजा है।

शेयर बाजार पर प्रभाव

पिछले हफ्ते घरेलू शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली। BSE का सेंसेक्स 623.07 अंक (0.76%) और NSE का निफ्टी 90.5 अंक (0.36%) ऊपर चढ़ा। Dixon Technologies के शेयरों में इस तेजी का मुख्य कारण Vivo के साथ डील और मजबूत वित्तीय नतीजे रहे।

आगे की संभावनाएं

विश्लेषकों के अनुसार Dixon Technologies का भविष्य सकारात्मक दिख रहा है, लेकिन उच्च लागत और कुछ सेगमेंट्स में कमजोरी ने थोड़ी अनिश्चितता पैदा की है।
आगे बाजार की दिशा निम्न कारकों पर निर्भर करेगी:

  1. अमेरिकी केंद्रीय बैंक का ब्याज दर फैसला (फेडरल रिजर्व की बैठक बुधवार को)।
  2. थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित महंगाई के आंकड़े।
  3. डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल और कच्चे तेल की कीमतें
  4. विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) का प्रवाह

निवेशकों के लिए क्या है संदेश?

ब्रोकरेज फर्म्स ने Dixon Technologies को लेकर सकारात्मक रुख जताया है। Vivo के साथ जॉइंट वेंचर और वित्तीय प्रदर्शन को देखते हुए यह स्टॉक निवेशकों के लिए लंबे समय में बेहतर रिटर्न दे सकता है।

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