पूर्व बॉलीवुड अभिनेत्री ममता कुलकर्णी (Mamta Kulkarni) ने हाल ही में किन्नर अखाड़ा (Kinnar Akhada) के महंत पद से इस्तीफा दे दिया है। महाकुंभ 2025 के दौरान उन्होंने इस विवादित फैसले की घोषणा की, जिससे अखाड़े में हड़कंप मच गया। ममता कुलकर्णी ने अपने इस्तीफे के पीछे कई कारण बताए, जिनमें आंतरिक राजनीति, आध्यात्मिकता पर सवाल और आर्थिक विवाद शामिल थे। उन्होंने कहा कि 25 साल की तपस्या के बाद उन्हें यह पद मिला था, लेकिन अब उन्हें किसी प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है।
Mamata Kulkarni Mahant पद से इस्तीफा: क्या है विवाद?
ममता कुलकर्णी को हाल ही में किन्नर अखाड़ा द्वारा महंत (Mahamandaleshwar) के रूप में नियुक्त किया गया था। लेकिन इस पद को संभालने के तुरंत बाद, उनके अतीत को लेकर विवाद शुरू हो गया। कई लोग उनकी आध्यात्मिकता पर सवाल उठा रहे थे, क्योंकि वह पहले बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री रह चुकी थीं। उन्होंने कहा, “मैंने 25 साल पहले बॉलीवुड छोड़ दिया था और अपने आध्यात्मिक सफर में लीन हो गई थी। लेकिन कुछ लोग मेरी साधना को नहीं समझ पा रहे हैं।”
Mamta Kulkarni ने क्या कहा अपने इस्तीफे में?

अपने बयान में ममता कुलकर्णी ने कहा, “मैं महंत पद से इस्तीफा दे रही हूं क्योंकि कुछ लोगों को मेरी नियुक्ति से परेशानी थी। यह सम्मान मुझे 25 साल की तपस्या के कारण मिला था, लेकिन अब मैं इसे छोड़ रही हूं।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी की स्वीकृति के लिए अपनी आध्यात्मिकता का प्रमाण नहीं देना चाहतीं।
आर्थिक विवाद भी बने कारण!
ममता कुलकर्णी ने अपने इस्तीफे में यह भी खुलासा किया कि किन्नर अखाड़े के अंदर आर्थिक लेन-देन को लेकर भी कई विवाद हैं। उन्होंने बताया कि जब उनसे दो लाख रुपये की मांग की गई, तो वह यह रकम देने में असमर्थ थीं। इसके बाद जय अंबागिरी महंत ने यह राशि अपनी जेब से दी। उन्होंने कहा, “मेरे पास जो भी धन है, वह मेरी गहरी साधना का परिणाम है, न कि किसी भौतिक लाभ का।”
Mahakumbh 2025 में हंगामा, Kinnar Akhada में विवाद गहराया!
ममता कुलकर्णी के इस्तीफे के बाद महाकुंभ 2025 में किन्नर अखाड़े के अंदर विवाद और बढ़ गया। इसी बीच, एक और चौंकाने वाली घटना सामने आई, जब कुछ अज्ञात युवकों ने किन्नर अखाड़ा प्रमुख जगद्गुरु हिमांगी सखी (Jagadguru Himangi Sakhi) के शिविर पर हमला कर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावरों ने न केवल शिविर में तोड़फोड़ की, बल्कि हिमांगी सखी को बंधक बनाने की भी कोशिश की। इस घटना ने महाकुंभ में सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
किन्नर अखाड़ा ने Mamta Kulkarni और उनके गुरु को किया बाहर!

Mamta Kulkarni के इस्तीफे के तुरंत बाद, किन्नर अखाड़ा ने न केवल उन्हें बल्कि उनके गुरु लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी (Laxmi Narayan Tripathi) को भी अखाड़े से निष्कासित कर दिया। अखाड़े के वरिष्ठ सदस्यों का कहना है कि यह फैसला आंतरिक तनाव को कम करने के लिए लिया गया है।
क्या Mamta Kulkarni का आध्यात्मिक सफर जारी रहेगा?

हालांकि ममता कुलकर्णी ने महंत पद से इस्तीफा दे दिया है, लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट किया कि उनका आध्यात्मिक सफर जारी रहेगा। उन्होंने कहा, “मेरे गुरु, श्री चैतन्य गगनगिरी महाराज एक सिद्ध महापुरुष थे। मैंने उनके साथ 25 साल तपस्या की है, मुझे कैलाश मानसरोवर या हिमालय जाने की जरूरत नहीं, क्योंकि मेरे लिए सारी दुनिया पहले से ही खुली है।”
निष्कर्ष: Mamta Kulkarni Resignation का असर
ममता कुलकर्णी का इस्तीफा और महाकुंभ में हुआ विवाद किन्नर अखाड़े के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। उनकी नियुक्ति से लेकर उनके इस्तीफे तक का सफर कई सवाल खड़े करता है। क्या यह विवाद सिर्फ आध्यात्मिकता पर था या इसके पीछे कोई और गहरी राजनीति थी? यह देखने वाली बात होगी कि आने वाले दिनों में किन्नर अखाड़ा इस स्थिति से कैसे निपटता है।
FAQ: Mamta Kulkarni Resignation से जुड़े सवाल
Q1: Mamta Kulkarni ने महंत पद से इस्तीफा क्यों दिया?
Ans: उन्होंने आध्यात्मिकता पर उठ रहे सवालों, आंतरिक राजनीति और आर्थिक विवादों के कारण इस्तीफा दिया।
Q2: Mamta Kulkarni का आध्यात्मिक सफर कब शुरू हुआ?
Ans: उन्होंने 25 साल पहले बॉलीवुड छोड़कर आध्यात्मिकता का मार्ग अपनाया था।
Q3: क्या Mamta Kulkarni को जबरन इस्तीफा देना पड़ा?
Ans: उन्होंने खुद अपने फैसले से इस्तीफा दिया, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोगों को उनकी नियुक्ति से परेशानी थी।
Q4: किन्नर अखाड़ा ने Mamta Kulkarni और उनके गुरु को क्यों निकाला?
Ans: अखाड़े में आंतरिक तनाव और विवादों के कारण यह फैसला लिया गया।
Q5: Mamta Kulkarni का आगे का प्लान क्या है?
Ans: उन्होंने कहा कि वह अपनी आध्यात्मिक यात्रा जारी रखेंगी और किसी प्रमाण की जरूरत नहीं है।
Disclaimer:
यह लेख Mamta Kulkarni के इस्तीफे से जुड़े मीडिया रिपोर्ट्स और उपलब्ध जानकारियों के आधार पर लिखा गया है। किसी भी आधिकारिक बयान के लिए संबंधित संस्थानों से संपर्क करें।