Pune Bus Rape के स्वारगेट बस डिपो में हुई एक चौंकाने वाली घटना ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया, जहां एक 26 वर्षीय महिला के साथ सरकारी शिवशाही बस में दुष्कर्म किया गया। आरोपी दत्तात्रय रामदास गाडे, जो पहले से ही कई आपराधिक मामलों में लिप्त था, ने इस जघन्य अपराध को अंजाम देने के बाद फरार होने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की तत्परता और आधुनिक तकनीकों की मदद से उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले ने महिलाओं की सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ते अपराधों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे न्याय प्रक्रिया और सख्त कानून व्यवस्था की आवश्यकता एक बार फिर उजागर हुई है।

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Pune Bus Rape मुख्य बिंदु:
- पुणे के स्वारगेट बस डिपो में 26 वर्षीय महिला के साथ हुआ दुष्कर्म।
- आरोपी दत्तात्रय रामदास गाडे (37) को तीन दिन की तलाशी अभियान के बाद गिरफ्तार किया गया।
- पुलिस ने कोर्ट को बताया कि आरोपी पर पहले से छह आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से पांच महिलाओं से जुड़े हैं।
- आरोपी को पुलिस ने ड्रोन और स्निफर डॉग्स की मदद से पकड़ लिया।
- घटना के बाद महिला ने हिम्मत जुटाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
- आरोपी को न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां उसे 12 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
- पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और आरोपी से जुड़े अन्य संभावित अपराधों की भी पड़ताल कर रही है।
Pune Bus Rape घटना का पूरा विवरण
पुणे के स्वारगेट बस डिपो में 25 फरवरी की सुबह एक 26 वर्षीय महिला के साथ दुष्कर्म की घटना सामने आई। पुलिस के अनुसार, आरोपी दत्तात्रय रामदास गाडे ने महिला का विश्वास जीतने के लिए उसे बार-बार ‘ताई’ (बहन) कहकर संबोधित किया। इसके बाद उसने महिला को एक सरकारी शिवशाही बस में ले जाकर दो बार दुष्कर्म किया। घटना के बाद पीड़िता ने स्वारगेट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने बताया कि पीड़िता सुबह 5:30 बजे सतारा जाने के लिए स्वारगेट बस डिपो में बस का इंतजार कर रही थी। तभी आरोपी गाडे ने उससे बात की और यह कहकर उसका भरोसा जीत लिया कि उसकी बस डिपो के दूसरे कोने में खड़ी है। आरोपी ने उसे एक खाली बस के अंदर जाने को कहा और वहां रोशनी न होने के कारण पीड़िता ने मोबाइल की टॉर्च जलाई, जिससे उसे बस में कोई यात्री नहीं दिखा। जब पीड़िता ने बस से बाहर निकलने की कोशिश की, तो गाडे ने उसे रोका और उसके साथ दुष्कर्म किया।
घटना के बाद पीड़िता किसी तरह हिम्मत जुटाकर बस से बाहर आई और सतारा जाने वाली बस में बैठ गई। रास्ते में उसने एक मित्र से फोन पर बात की, जिसने उसे तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। इसके बाद पीड़िता स्वारगेट पुलिस स्टेशन पहुंची और अपनी शिकायत दर्ज कराई।
Pune Bus Rape गिरफ्तारी की पूरी कहानी
पुलिस ने घटना के बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए डिपो और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और आरोपी की पहचान की। पुलिस को पता चला कि गाडे पुणे जिले के शिरूर तालुका के गुन्नाट गांव का निवासी है। इसके बाद, आरोपी की तलाश के लिए पुलिस ने एक विशेष टीम गठित की।
तीन दिन की सघन तलाशी के बाद, पुलिस ने आरोपी को उसके गांव से गिरफ्तार किया। गाडे एक खेत में छिपा हुआ था, लेकिन प्यास के कारण जब वह पानी मांगने के लिए एक घर में गया, तो वह पकड़ा गया। यह घर पुणे पुलिस के एक जवान के भाई का था। उसने तुरंत अपने भाई को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के समय गाडे ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसे घेर लिया। उसे तुरंत पुणे लाया गया और मेडिकल जांच के बाद पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है ताकि अन्य संभावित अपराधों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
Pune Bus Rape आरोपी पर पहले से दर्ज आपराधिक मामले
पुलिस के अनुसार, दत्तात्रय रामदास गाडे एक हिस्ट्रीशीटर है और उस पर पहले से ही छह आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें चोरी, लूट और चेन स्नैचिंग के मामले शामिल हैं। इनमें से पांच मामलों में पीड़ित महिलाएं थीं, जिससे आरोपी का महिलाओं के प्रति अपराध करने की प्रवृत्ति साफ नजर आती है। वह 2019 से जमानत पर था और अपराधों को अंजाम दे रहा था।
Pune Bus Rape कोर्ट में पेशी और पुलिस की मांग
गिरफ्तारी के बाद, आरोपी को 1 मार्च को अदालत में पेश किया गया। अदालत में पुलिस ने आरोपी को 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेजने की मांग की। पुलिस ने तर्क दिया कि आरोपी से पूछताछ करके उसके मोबाइल फोन और अपराध के समय पहने हुए कपड़ों को जब्त करने की जरूरत है। इसके अलावा, पुलिस यह भी जांच करना चाहती थी कि क्या आरोपी पहले भी इसी तरह के अपराधों में शामिल था और क्या इस अपराध में उसके साथ कोई और भी शामिल था।
न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) टी. एस. गयगोल ने आरोपी को 12 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।
Pune Bus Rape बचाव पक्ष के वकील की दलीलें
कोर्ट में बचाव पक्ष के वकील वाजिद खान ने दावा किया कि आरोपी और पीड़िता के बीच सहमति से संबंध बने थे। उन्होंने कहा कि पीड़िता खुद बस में गई थी और मीडिया ट्रायल के कारण आरोपी को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। हालांकि, पुलिस ने इस दावे को खारिज कर दिया और बताया कि आरोपी ने महिला को झूठ बोलकर अपने जाल में फंसाया था।
Pune Bus Rape सोशल मीडिया और सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने पुणे और पूरे महाराष्ट्र में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर लोग बस डिपो और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। घटना के बाद, महाराष्ट्र पुलिस ने सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा बढ़ाने और महिलाओं की सुरक्षा के लिए अधिक गश्त लगाने का निर्णय लिया है।
Pune Bus Rape महिला सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
पुणे जैसे बड़े शहर में इस तरह की घटना का होना दर्शाता है कि महिला सुरक्षा के उपायों को और मजबूत करने की जरूरत है। बस डिपो जैसे सार्वजनिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने, पुलिस गश्त बढ़ाने और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष हेल्पलाइन शुरू करने जैसी योजनाओं पर काम करने की आवश्यकता है।
इसके अलावा, समाज में जागरूकता अभियान चलाकर महिलाओं को आत्मरक्षा के उपायों के बारे में जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि वे किसी भी अनहोनी से खुद को बचा सकें।

निष्कर्ष (Pune Bus Rape)
पुणे के स्वारगेट बस डिपो में हुई यह भयावह घटना महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाती है। आरोपी का आपराधिक इतिहास यह दर्शाता है कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत है। पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि आरोपी को उसके किए की सजा मिल सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
यह जरूरी है कि समाज, पुलिस और न्यायपालिका मिलकर ऐसे अपराधों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाएं, ताकि महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।