pushpak express news: ‘पुष्पक एक्सप्रेस के पहियों में चिंगारी देख यात्रियों ने खींची चेन’, प्रत्यक्षदर्शियों का दावा

pushpak express: भारतीय रेलवे को आम आदमी की लाइफलाइन कहा जाता है। लंबी दूरी के लिए ट्रेन से सफर करना लोगों की पहली पसंद होती है। इन्हीं में से एक प्रमुख ट्रेन पुष्पक एक्सप्रेस है, जिसे उत्तर प्रदेश से मुंबई जाने वाले लोगों की लाइफलाइन माना जाता है। यह ट्रेन लखनऊ से लेकर गोंडा, कानपुर और बुंदेलखंड के यात्रियों के लिए एक प्रमुख साधन है। इस लेख में हम पुष्पक एक्सप्रेस की खासियत, स्टॉपेज, टाइमिंग और हाल ही में हुए हादसे पर चर्चा करेंगे।


pushpak express का परिचय

pushpak express एक मेल एक्सप्रेस ट्रेन है जो यूपी की राजधानी लखनऊ को मायानगरी मुंबई से जोड़ती है। यह ट्रेन लखनऊ जंक्शन (LJN) से छूटती है और मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) रेलवे स्टेशन पर समाप्त होती है। ट्रेन का सफर करीब 24 घंटे 20 मिनट का है। लखनऊ से यह ट्रेन रात 9:25 बजे प्रस्थान करती है और अगले दिन रात 10:45 बजे मुंबई पहुंचती है।


pushpak express ट्रेन का रूट और स्टॉपेज

लखनऊ से मुंबई के बीच पुष्पक एक्सप्रेस कुल 16 स्टेशनों पर रुकती है। इसमें उत्तर प्रदेश के 6 स्टेशन शामिल हैं। ये स्टेशन हैं:

  1. लखनऊ जंक्शन
  2. उन्नाव जंक्शन
  3. कानपुर सेंट्रल जंक्शन
  4. उरई
  5. झांसी जंक्शन
  6. ललितपुर

इसके बाद ट्रेन मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के प्रमुख स्टेशनों से गुजरती है, जैसे:

  • भोपाल जंक्शन
  • इटारसी जंक्शन
  • खंडवा
  • भुसावल जंक्शन
  • मनमाड जंक्शन
  • नासिक रोड
  • कल्याण जंक्शन
  • दादर सेंट्रल

हालिया हादसा: जलगांव ट्रेन दुर्घटना

महाराष्ट्र के जलगांव में पुष्पक एक्सप्रेस के साथ एक बड़ा हादसा हुआ। 23 जनवरी को पचोरा के परधाड़े स्टेशन के पास ट्रेन में आग लगने की अफवाह के कारण अफरातफरी मच गई। यात्री घबरा गए और कई लोगों ने ट्रेन से कूदना शुरू कर दिया।

pushpak express हादसे का कारण

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रेन के एक कोच में “हॉट एक्सल” या “ब्रेक-बाइंडिंग” के कारण चिंगारी निकली थी। यात्रियों ने इसे आग लगने की घटना समझ लिया और चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोक दिया।

pushpak express दूसरी ट्रेन की चपेट में आए यात्री

जब यात्री ट्रेन से कूद रहे थे, उसी समय बगल की पटरी से गुजर रही कर्नाटक एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। इस हादसे में 12 यात्रियों की मौत हो गई और 40 से अधिक लोग घायल हो गए।

pushpak express मौके पर राहत कार्य

घटना के तुरंत बाद रेलवे अधिकारी और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचे। मध्य रेलवे ने घटनास्थल पर राहत ट्रेन भेजी। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।


मृतकों और घायलों की स्थिति

रेलवे और स्थानीय प्रशासन ने बताया कि हादसे में मरने वालों की संख्या 12 है, जबकि 40 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

  • महाराष्ट्र के जलगांव जिले के कलेक्टर ने हादसे की पुष्टि की।
  • नासिक के डिविजनल कमिश्नर ने बताया कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है।

प्रभावित यात्रियों की मदद

रेलवे ने यात्रियों और उनके परिवारजनों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए। लखनऊ जंक्शन पर हेल्प डेस्क बनाई गई और यात्रियों को जानकारी देने के लिए 24 घंटे की हेल्पलाइन सेवा शुरू की गई।

हेल्पलाइन नंबर:

  • 8957409292

pushpak express यात्रियों की प्रतिक्रिया

हादसे के बाद यात्रियों में दहशत फैल गई। नेपाल के सलमान नामक यात्री ने लखनऊ जंक्शन पर हेल्प डेस्क से संपर्क कर अपने परिवार की जानकारी मांगी। इसी तरह, गोंडा और बहराइच के कई यात्रियों ने भी अपने परिजनों की स्थिति जानने की कोशिश की।


सरकार और रेलवे की प्रतिक्रिया

हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दुख व्यक्त किया। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

मुआवजे की घोषणा

  • महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों को 5 लाख रुपये और घायलों को वित्तीय सहायता देने की घोषणा की।

ट्रेन हादसों को रोकने के लिए सुझाव

रेलवे विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार की घटनाएं ट्रेन के रखरखाव में सावधानी न बरतने और यात्रियों में जागरूकता की कमी के कारण होती हैं। निम्नलिखित कदम उठाने की जरूरत है:

  1. ट्रेन का नियमित निरीक्षण:
    • कोच और ब्रेक सिस्टम का समय-समय पर परीक्षण।
  2. यात्रियों की जागरूकता:
    • आग लगने या अन्य आपात स्थितियों में ट्रेन से न कूदने की जानकारी देना।
  3. आपातकालीन प्रबंधन:
    • हर ट्रेन में आपातकालीन उपकरण और स्टाफ की तैनाती।

निष्कर्ष

पुष्पक एक्सप्रेस यूपी से मुंबई जाने वाले यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण ट्रेन है। हालांकि, हालिया हादसा रेलवे प्रबंधन और यात्रियों के लिए एक बड़ा सबक है। रेलवे को अपने रखरखाव में सुधार लाने की जरूरत है, और यात्रियों को भी अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना चाहिए। उम्मीद है कि रेलवे भविष्य में इस तरह के हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएगा।

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