Rang De Basanti Audition Scene: अभिषेक बनर्जी ने कमाए 1500 रुपये, कैमियो के बाद मिला ‘सेलिब्रिटी का दर्जा’

Rang De Basanti Audition Scene: साल 2006 में आई रंग दे बसंती ने भारतीय सिनेमा में देशभक्ति का एक नया दृष्टिकोण पेश किया। राकेश ओमप्रकाश मेहरा द्वारा निर्देशित इस फिल्म ने युवाओं के दिलों में देश के प्रति प्यार और जागरूकता की नई लहर पैदा की। फिल्म में आमिर खान, सिद्धार्थ, सोहा अली खान, कुणाल कपूर, शरमन जोशी और आर माधवन जैसे कलाकार मुख्य भूमिकाओं में थे।

फिल्म के हर दृश्य ने दर्शकों को भावुक और प्रेरित किया, लेकिन एक सीन जो आज भी यादों में ताजा है, वह है ऑडिशन सीन। इसमें दिल्ली थिएटर सर्किट के कई महत्वाकांक्षी कलाकारों ने हिस्सा लिया था। इनमें अभिषेक बनर्जी, तुषार पांडे, चंदन रॉय सान्याल और शिबानी बेदी जैसे चेहरे शामिल थे, जिन्होंने बाद में इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाई।

ऑडिशन सीन और दिल्ली थिएटर कलाकारों की भागीदारी

फिल्म के एक सीन में, सू मैककिनले (एलिस पैटन) भारत में अपनी डॉक्यूमेंट्री शूट करने आती हैं। उनकी दोस्त सोनिया (सोहा अली खान) दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ ऑडिशन प्रक्रिया का आयोजन करती हैं। हालांकि, सू को कोई ऐसा कलाकार नहीं मिल पाता जो उनके किरदारों के अनुरूप हो।

इस सीन में दिल्ली थिएटर सर्किट के कई उभरते हुए कलाकारों को मौका मिला। यह उन सभी के लिए बॉलीवुड का पहला कदम था। अभिषेक बनर्जी ने इस सीन में “मेरा नाम भगत सिंह है” डायलॉग बोला था, जो आज भी दर्शकों को याद है।

अभिषेक बनर्जी का अनुभव: “1500 रुपये मिले थे, ऐसा लगा करोड़ों हैं”

अभिषेक बनर्जी ने रंग दे बसंती के ऑडिशन सीन के बारे में साझा किया कि यह उनकी पहली फिल्म थी। उन्होंने बताया,

“आरडीबी मेरी पहली फिल्म थी। मुझे कभी उम्मीद नहीं थी कि यह मेरी फिल्मों की सूची में एक आवश्यक स्मृति बन जाएगी। मुझे 1500 रुपये मिले थे और उस समय ऐसा लगा जैसे करोड़ों रुपये मिल गए हों।”

अभिषेक ने यह भी कहा कि इस सीन के बाद दिल्ली के कॉलेजों में उन्हें और उनके दोस्तों को “सेलिब्रिटी का दर्जा” मिल गया था।

ऑडिशन सीन का सफर: सपनों की ओर पहला कदम

दिल्ली थिएटर सर्किट के इन महत्वाकांक्षी अभिनेताओं में अभिषेक बनर्जी, तुषार पांडे, चंदन रॉय सान्याल और शिबानी बेदी शामिल थे। यह वह समय था जब सभी थिएटर में काम कर रहे थे और अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रहे थे।

अभिषेक बनर्जी ने बताया कि कैसे उनके दोस्त तुषार पांडे, जो फिल्म के एसोसिएट डायरेक्टर सुनील पांडे के भाई थे, ने उन्हें फोन करके इस ऑडिशन के लिए बुलाया। ऑडिशन इंडिया हैबिटेट सेंटर (IHC), दिल्ली में हुआ, जहां राकेश ओमप्रकाश मेहरा और सोहा अली खान भी मौजूद थे।

आरडीबी के बाद की सफलता

रंग दे बसंती के बाद अभिषेक बनर्जी ने बॉलीवुड और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर कई हिट प्रोजेक्ट्स में काम किया। उनकी प्रमुख परियोजनाओं में पाताल लोक, स्त्री, भेड़िया, ड्रीम गर्ल, और राणा नायडू शामिल हैं। उन्होंने अपने अभिनय कौशल से दर्शकों का दिल जीत लिया और इंडस्ट्री में अपनी मजबूत पहचान बनाई।

आरडीबी: एक ऐतिहासिक फिल्म

रंग दे बसंती को उसकी अनोखी कहानी और बेहतरीन निर्देशन के लिए हमेशा याद किया जाएगा। इस फिल्म ने देशभक्ति को एक नए आयाम में परिभाषित किया। अभिषेक बनर्जी जैसे उभरते हुए कलाकारों के लिए यह फिल्म उनकी यात्रा का पहला कदम साबित हुई।

निष्कर्ष

रंग दे बसंती न केवल एक फिल्म थी बल्कि यह एक ऐसी क्रांति थी जिसने युवाओं को प्रेरित किया। अभिषेक बनर्जी का इस फिल्म का हिस्सा बनना और 1500 रुपये कमाना उनकी सफलता की शुरुआत थी। आज यह फिल्म और इसके कलाकार हर भारतीय के दिलों में अपनी जगह बनाए हुए हैं।

FAQ

1. रंग दे बसंती का ऑडिशन सीन इतना खास क्यों है?
यह सीन दिल्ली थिएटर सर्किट के उभरते हुए कलाकारों को पहचान दिलाने वाला था। इसमें कई महत्वाकांक्षी अभिनेताओं ने हिस्सा लिया था।

2. अभिषेक बनर्जी को इस फिल्म के लिए कितने पैसे मिले थे?
अभिषेक बनर्जी को इस फिल्म के ऑडिशन सीन के लिए 1500 रुपये का पारिश्रमिक मिला था।

3. अभिषेक बनर्जी ने और कौन-कौन सी फिल्में की हैं?
अभिषेक बनर्जी ने पाताल लोक, स्त्री, भेड़िया, ड्रीम गर्ल, और राणा नायडू जैसी फिल्मों और सीरीज में काम किया है।

4. रंग दे बसंती का निर्देशन किसने किया था?
इस फिल्म का निर्देशन राकेश ओमप्रकाश मेहरा ने किया था।

Disclaimer: यह लेख रंग दे बसंती और इससे जुड़े कलाकारों की यात्रा को प्रस्तुत करने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी सटीकता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न स्रोतों से एकत्र की गई है।

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